फाजिल्का में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे डेरा जगमालवाली के संत बिरेंद्र सिंह, राहत कार्यों में बन रहे सहारा
जिला रिपोर्टर रितेश गर्ग
(पंजाब):-फाजिल्का।पंजाब में पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर फाजिल्का जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, जहां कई गांव अभी भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। ऐसे कठिन हालातों में स्थानीय लोगों की समस्याओं को जानने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए डेरा जगमालवाली के संत बिरेंद्र सिंह शुक्रवार को प्रभावित गांवों में पहुंचे।
संत बिरेंद्र सिंह ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में खड़े होकर ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे तौर पर उनके हालात पूछे और जाना कि किस प्रकार से बाढ़ ने उनकी ज़िंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से लोग बेघर हो गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से चौपट हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पशुओं के लिए चारा और स्वच्छ पानी की भारी किल्लत हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के चलते बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई परिवारों को अस्थायी तौर पर रिश्तेदारों और पंचायत घरों में शरण लेनी पड़ी है। इस बीच संत बिरेंद्र सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि डेरा जगमालवाली पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है और राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि डेरा की ओर से विशेष राहत अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पीड़ित परिवारों को राशन, दवाइयां, कपड़े और अन्य ज़रूरी सामान उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही मेडिकल टीम को भी गांवों में भेजा गया है ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके। संत ने कहा कि यह समय इंसानियत की सेवा का है और डेरा हमेशा समाज की भलाई के लिए तत्पर रहेगा।
डेरा जगमालवाली की इस पहल की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे मुश्किल समय में जब लोग चारों ओर से संकट में घिरे हों, तो धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं का आगे आना बहुत बड़ी राहत देता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भी अपील की कि जल्द से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था की जाए और किसानों को मुआवज़ा देकर उनका सहारा बनाया जाए।
उल्लेखनीय है कि फाजिल्का जिले के कई गांव अब भी पूरी तरह जलमग्न हैं और प्रशासनिक अमला राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। वहीं सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से भी लगातार मदद पहुंचाई जा रही है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद इन गांवों में सफाई और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से हालात जल्द सामान्य हो सकेंगे। फिलहाल डेरा जगमालवाली की ओर से जारी राहत कार्य लोगों के लिए बड़ी राहत का सहारा बने हुए हैं।