पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर पंचायत भवन गांव औढ़ा में पहुंचकर उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों व ग्रामीणों को बताए नशे के दुष्परिणाम डबवाली को नशा मुक्त बनाने में हर नागरिक की अहम भागीदारीः- पुलिस अधीक्षक
जिला रिपोर्टर रितेश गर्ग
(सिरसा, हरियाणा):डबवाली । पुलिस अधीक्षक डबवाली श्रीमती निकिता खट्टर आईपीएस द्वारा नशा मुक्त समाज सुखी समाज अभियान के तहत युवा पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने व सभी नागरिकों से एकजुट होकर नशे के खिलाफ डबवाली पुलिस की इस लड़ाई को लड़ने के लिए अपील करने की एक नई पहल शुरू की गई है । जिसके तहत पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्र के स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों व शिक्षकों को नशे व नशे से जन्म लेने वाले और अपराधों के बारे में अवगत कराने के लिए लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है । जिसके तहत पुलिस अधीक्षक गांव औढ़ा पंचायत भवन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से पहुंचे व उन्होंने नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्यों को हासिल करने में पूरा ध्यान केंद्रित करने बारे संदेश दिया गया । इस अवसर पर उन्होने विद्यार्थियों को जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करने व उसे पूरी लगन के साथ पूरा करने और डबवाली पुलिस के नशा मुक्त समाज अभियान में भाग लेकर इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया । इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक कालांवाली सन्दीप धनखड़, प्रभारी थाना औढा नि. अनिल कुमार, सरपंच गांव औढ़ा संदीप कुमार, प्रधानाचार्य विक्रम सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय औढ़ा , अन्य शिक्षक, छात्र –छात्राएं व ग्रामीण उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर उन्होने विद्यार्थियों के जीवन में आने वाले उतार चढ़ाव के बारे में चर्चा की और तनाव से दूर रहकर बुरी आदतों से बचने के तरीके बताए । जैसे मनोरंजन के साधन खेल कूद की गतिविधियों में भाग लेकर अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करके उसमें एकाग्रता से पूरी मेहनत के साथ कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया । नशे के खिलाफ डबवाली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि डबवाली पुलिस की विभिन्न टीमें डबवाली को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरे जोश के साथ लगी हुई है जिसके लिए लगातार कार्यवाही करते हुए नशा तस्करों को जेल भेजा जा रहा है । लेकिन डबवाली पुलिस की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए आमजन के सहयोग का बहुत महत्व है । समाज का हर एक नागरिक नशे के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी समझेगा तभी हमारा समाज नशा मुक्त होगा । नशे के दुष्परिणामों बारे बताते हुए उन्होने कहा कि युवावस्था में कई बार गलत संगत में पड़ जाने की वजह से कुछ नवयुवक कम उम्र में ही नशे के शिकार हो जाते हैं और शराब या धूम्रपान करना शुरू कर देते हैं और धीरे-धीरे यह उनकी आदत में शुमार हो जाता है । इसके पश्चात आगे चलते-चलते नशे की मात्रा बढ़ने लगती है और वह कई बार ओर भी गंभीर मादक पदार्थ जैसे गांजा अफीम चरस जैसे नशीले पदार्थों का शिकार हो जाता है । नशे के कारण बहुत सी समस्याएं पैदा होती हैं जिसमें सबसे पहले है स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं जिसमें व्यक्ति अंदर से खोखला होने लगता है और व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने लगती है परंतु वह नशे की आदत के कारण इस लत को छोड़ नहीं पाता । नशे में व्यक्ति अपने परिजनों के साथ भी लड़ाई झगड़ा करता है जिसकी वजह से उसकी अपने साथियों और परिजनों के साथ अनबन शुरू हो जाती है । इसके अलावा नशा करने वाला व्यक्ति अपनी धन संपत्ति को नशे में उड़ाने लगता है और पैसा खत्म होने के बाद वह चोरी लूट जैसी वारदातों को अंजाम देना शुरू कर देता है जिसकी वजह से वह अपराध जगत में कदम रखता है और यह छोटे-मोटे अपराध आगे चलकर बड़ा रूप धारण कर लेते हैं तथा कई बार नशे में व्यक्ति पैसों के लिए डकैती या हत्या जैसी गंभीर वारदातों को भी अंजाम दे देता है । उन्होंने बताया कि उक्त समस्याओं से बचने का एक ही उपाय है कि आप नशे से दूर रहें तथा जिस व्यक्ति को नशे की लत लग चुकी है वह योग व्यायाम करें और अपने मन को इतना मजबूत बनाएं कि वह अपने आप को नशे से दूर रख सके ।
उन्होने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर समाजहित व देशहित में कार्य करने चाहिए वंही युवाओ को खेलो में रुचि लेकर गांव स्तर पर स्टेडियम या खेल मैदान कब्बडी, क्रिकेट,बालीवाल,फुटबाल जैसी खेलें खेलनी चाहिए । ग्रामीणों नशा जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए कमेटियां बनाकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए नशा मुक्त समाज हम सब के मिलकर चलने से ही बनेगा । उन्होने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की दैनिक गतिविधियों पर नजर रखें ताकि समय रहते उनकी समस्याओं की पहचान कर उन्हें सुलझाया जा सके ताकि युवा नशे जैसे बीमारी की गिरफ्त में आने से बच सकें । उन्होने स्कूल प्रबंधकों व शिक्षकों से अनुरोध करते हुए कहा कि माता पिता के साथ उनकी भी पूरी जिम्मेवारी बनती है कि वे अपने विद्यार्थियों का समय समय पर अवलोकन करें जिससे समय पर उनका सही मार्गदर्शन किया जा सके । उन्होने कहा कि अगर उनके क्षेत्र में कोई नशा तस्करी,नशा बेचने संबंध में कार्य करता है तो पुलिस को सूचना भी दे । सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी ।