ज़िप फाइल डाउनलोड करने से पहले सतर्क रहें : पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर की एडवाइजरी जारी
सहायक सम्पादक रितेश गर्ग (फतेहाबाद, हरियाणा):- फतेहाबाद, 03 अगस्त | पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर,आईपीएस की ओर से आमजन को सचेत करते हुए अज्ञात एवं संदिग्ध ज़िप फाइल डाउनलोड करने को लेकर साइबर एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी ज़िप फाइलों का सहारा लेकर लोगों के मोबाइल फोन और कंप्यूटर में मैलवेयर भेजने, निजी जानकारी चुराने तथा साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी फर्जी बिल, बैंक संबंधी दस्तावेज, सरकारी नोटिस, पार्सल या कूरियर की जानकारी, नौकरी से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य आकर्षक संदेशों के साथ ज़िप फाइल भेज सकते हैं। कई बार इन फाइलों में हानिकारक सॉफ्टवेयर, वायरस या संदिग्ध फाइलें छिपी होती हैं। ऐसी ज़िप फाइल को डाउनलोड कर खोलने या उसके अंदर मौजूद संदिग्ध फाइल पर क्लिक करने से मोबाइल अथवा कंप्यूटर की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
साइबर अपराधी इस माध्यम से मोबाइल या कंप्यूटर में मैलवेयर इंस्टॉल कर निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण, पासवर्ड, ओटीपी तथा अन्य महत्वपूर्ण डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए किसी अज्ञात व्यक्ति, अनजान नंबर या संदिग्ध ई-मेल से प्राप्त ज़िप फाइल को बिना सत्यापन के डाउनलोड या ओपन नहीं करना चाहिए।
फतेहाबाद पुलिस द्वारा आमजन के लिए जारी सावधानियां:
- अज्ञात नंबर, ई-मेल, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप से प्राप्त ज़िप फाइल को डाउनलोड या ओपन न करें।
- फाइल भेजने वाले व्यक्ति अथवा संस्था की पहचान और फाइल की वास्तविकता की पुष्टि अवश्य करें।
- किसी फर्जी बिल, नोटिस, कूरियर सूचना या आकर्षक ऑफर के साथ भेजी गई ज़िप फाइल पर भरोसा न करें।
- ज़िप फाइल के अंदर मौजूद संदिग्ध इएक्सइ , एपीके या अन्य अनजान फाइल को ओपन अथवा इंस्टॉल न करें।
- मोबाइल और कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम, एंटीवायरस तथा सिक्योरिटी अपडेट को नियमित रूप से अपडेट रखें।
- संदिग्ध फाइल डाउनलोड होने पर उसे खोलने के बजाय तुरंत डिलीट करें और संबंधित नंबर या ई-मेल को ब्लॉक एवं रिपोर्ट करें।
- किसी भी अनजान फाइल के माध्यम से बैंकिंग जानकारी, ओटीपी , पासवर्ड या अन्य निजी विवरण साझा न करें।
यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध ज़िप फाइल डाउनलोड या ओपन करने के बाद साइबर ठगी, डेटा चोरी अथवा मोबाइल/कंप्यूटर हैकिंग का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाए अथवा www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करे। पीड़ित व्यक्ति नजदीकी पुलिस थाना या फतेहाबाद साइबर सेल से भी संपर्क कर सकता है।
पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर,आईपीएस ने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध ज़िप फाइल को डाउनलोड या ओपन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। सतर्कता और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।